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चमत्कारिक वनस्पतियाँ

उमेश पाण्डे

प्रकाशक : भारतीय साहित्य संग्रह प्रकाशित वर्ष : 2016
पृष्ठ :183
मुखपृष्ठ : ई-पुस्तक
पुस्तक क्रमांक : 9829

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प्रकृति में पाये जाने वाले सैकड़ों वृक्षों में से कुछ वृक्षों को, उनकी दिव्यताओं को, इस पुस्तक में समेटने का प्रयास है

चमत्कारिक वनस्पतियाँ

दो शब्द

हमारे पौराणिक ग्रन्थों में तैंतीस करोड़ देवी-देवताओं का उल्लेख मिलता है, उन्हें देखा किसी ने नहीं है। 4-6 देवी-देवताओं को सबने देखा है, अनुभव किया है। सूर्य और चन्द्र के अलावा वृक्ष भी देवता हैं। देवता अर्थात् देने वाले। वृक्ष हमें सिर्फ देते हैं- हमसे लेते कुछ नहीं हैं। वृक्ष जीवन हैं... प्राण हैं... जिनके उपकार मनुष्य सहित सभी प्राणियों पर अनंत हैं।

प्रकृति में पाये जाने वाले सैकड़ों वृक्षों में से कुछ वृक्षों को, उनकी दिव्यताओं को, इस पुस्तक में समेटने का प्रयास मैंने किया है। यह प्रयास कितना सफल है, इसका निर्णय आप करेंगे। मेरा विश्वास है कि इसमें वर्णित पौधों के बारे में जानकर जहाँ एक ओर आपके ज्ञान में वृद्धि होगी वहीं दूसरी ओर उनसे आप लाभान्वित भी होंगे।

इस पुस्तक को मुद्रित रूप में आपके समक्ष लाने में पुरूषोत्तमजी विजयवर्गीय, प्रधान संपादक एवं प्रकाशक, निरोग सुख का विशेष योगदान रहा। ई-पुस्तक रूप में प्रकाशित करके भारतीय साहित्य संग्रह ने सम्पूर्ण विश्व को उपलब्ध करा दिया है। मैं उनका हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।

मैं डॉ. बी .वी. दीवान जी, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, वनस्पति विज्ञान का, डॉ.(प्रो.) सी. एम. सोलंकी, डॉ.(प्रो.) एस. आर. उपाध्याय, बाबा नागेश्वर जी, स्व. श्री भालचंद्र जी उपाध्याय, स्व. श्री बसंत जी जोशी, श्री दीपक मिश्रा, डॉ. प्रफुल्ल दवे, श्री एल. के. एस. चौहान, म. प्र. भवन, दिल्ली, श्री जी. पी. तिवारी, श्री ललित गोखरू तथा उन सभी जनों का हृदय से आभारी हूँ जिन्होंने इस पुस्तक के पूर्ण होने में मुझे प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोग दिया है। इस पुस्तक में दिये गये चित्रों को जिन भी ग्रन्थों से उद्धृत किया गया है, मैं उन सभी के प्रति भी आभार व्यक्त करता हूँ ।

पुस्तक के सम्बन्ध में आपके सुझावों का मुझे इन्तजार रहेगा ।

आपका ही
उमेश पाण्डे
319, म. गा. मार्ग, मल्हारगंज
इन्दौर- 2 (मध्य प्रदेश)
फोन : 0731 - 245372
मोबा. : 09200133979


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